फ़क़ीर लालन साँई – राधास्वामी सत्संग ब्यास ऑडियो बुक्स

फ़क़ीर लालन साँई

“फ़क़ीर लालन साँई – बंगाल के संत कवि” संत कबीर, संत दादू दयाल, संत रविदास, संत रज्जब जी जैसे संत-कवियों की परंपरा में बंगाल के संत कवि पर प्रकाशित पुस्तक है। फ़क़ीर लालन साँई की प्रेम-भक्ति सूफ़ी परंपरा से प्रभावित थी। ईश्वर, ख़ुदा प्रत्येक जीवात्मा में मौजूद है। उसे हम बाहर ही बाहर खोजते हैं “करे वह रंगमहल को रोशन, रहो तुम दिन रात उसके पास, फिर भी न पाओ उसका आभास।” वह प्रकाश और धुन, नूर और कलमा के रूप में हर जीव में वर्तमान है। वक़्त के मुर्शिद, गुरु से ध्यान की पद्धति सीखकर उस तक पहुँचा जा सकता है। सूफ़ी सिद्धांतों के साथ-साथ गायकी की मधुरता ने उनके काव्य को अद्वितीय बना दिया है।

लेखक: टी. आर. शंगारी और सुकृता अजमानी
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