सत्संग और निबंध
नीचे दिए गए सत्संग सत्संगियों ने डेरा में या किसी और जगह अंग्रेज़ी में दिए हैं। नीचे उनका हिंदी अनुवाद दिया गया है। निबंधों में लेखक का ख़ुद का नज़रिया झलकता है।
2026 के सत्संग और निबंध
बेक़सूर लोगों को इतने भारी दु:ख क्यों सहने पड़ते हैं? ...
एच. जी. वेल्स द्वारा लिखा गया उपन्यास ‘द इनविज़िबल मैन’ एक ऐसे वैज्ञानिक की काल्पनिक कहानी है जिसने दुनिया की नज़रों से ओझल हो जाने का तरीक़ा तो खोज निकाला था लेकिन बदक़िस्मती से उसे यह नहीं पता था कि अदृश्य कर देनेवाली उस दवा के असर को कैसे पलटना है। ...
यहाँ रूमी एक गूढ़ सत्य पर प्रकाश डाल रहे हैं कि हमारा मन अहंकार, सांसारिक मोह, इच्छाओं और कर्मों की एक बहुत ही मज़बूत पत्थर की दीवार की तरह है। ...
शब्द-मार्गी संत-सतगुरुओं का मक़सद हमें रूहानी अनुभव करवाना नहीं है बल्कि वे चाहते हैं कि हम रूहानी जीवन जिएँ: रूहानी तौर पर हमारी तरक़्क़ी हो और हम अपनी इच्छाओं, मोह-माया और कर्मों के जाल से ऊपर उठें ताकि हम जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो सकें जिसमें हमारी आत्माएँ अनगिनत जन्मों से फँसी हुई हैं। ...
भारतीय ग्रंथों में वट के एक वृक्ष का ज़िक्र आता है जिसे “अश्वत्थ” कहा जाता है। ...
क्या यह दुनिया पूरी तरह से परमात्मा के हुक्म के मुताबिक़ चलती है जैसा कि संत-महात्मा ज़ोर देकर समझाते हैं? ...
हम जीवन जीने के इस सहज, प्रेममय और उद्देश्यपूर्ण मार्ग के लिए बहुत शुक्रगुज़ार हैं जिसमें हमारा ध्यान धीरे-धीरे इस दुनिया से हटकर परमात्मा की ओर हो जाता है, हम जागरूक होने लगते हैं और धीरे-धीरे यह जागरूकता बढ़ती जाती है। ...
एक बार जब हमारे अंदर परमात्मा के लिए तड़प पैदा हो जाती है तब हमारा जीवन और हमारा पूरा वजूद निरंतर गहरे बदलाव और कायापलट की प्रक्रिया से गुज़रने लगता है। ...
एक रूहानी योद्धा को युद्ध जीतने के लिए संघर्ष करना पड़ता है और कई क़ुर्बानियाँ भी देनी पड़ती हैं ताकि वह जीत हासिल करके परमपिता के पास निज-घर वापस लौट सके। ...
सदियों से दार्शनिकों, वैज्ञानिकों और धार्मिक मार्गदर्शकों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से भौतिक ब्रह्मांड, इसकी रचना, इसके अंत और समय के सिद्धांत का वर्णन करने का यत्न किया है। ...