सत्संग की आम जानकारी – राधास्वामी सत्संग ब्यास

सत्संग की आम जानकारी

संत-सतगुरु के सत्संग कार्यक्रम डेरा बाबा जैमल सिंह, ब्यास, पंजाब में होते हैं; इसके अलावा भारत और विश्व में कई जगहों पर उनके सत्संग होते हैं। इन सत्संगों में आने के लिए भारतीय संगत, भारत से बाहर रहने वाले भारतीय प्रवासी (एन.आर.आई.) और ग़ैर-भारतीयों के लिए कुछ अलग-अलग नियम हैं। (बाहर से आने वाली ग़ैर-भारतीय संगत, जिनमें जिज्ञासु भी हैं, डेरा से बाहर केवल दिल्ली और मुम्बई में ही सत्संग सुन सकती है। उन्हें भारत में किसी और शहर में जाकर सत्संग सुनने की इजाज़त नहीं है।) इन जगहों पर अकॉमोडेशन उपलब्ध न होने की वजह से संगत को ख़ुद अपनी अकॉमोडेशन और ट्रांसपोर्ट का इंतज़ाम करना होगा। संगत अपने देश के लोकल सत्संग सेक्रेटरी से इन नियमों की विस्तार से जानकारी हासिल कर सकती है।

भारत में होने वाले सालाना निर्धारित सत्संग कार्यक्रम
डेरा और भारत में होने वाले सत्संगों की जानकारी के लिए देखें “सत्संग कार्यक्रम” या आप सत्संग संबंधी सूचना और नामदान कार्यक्रम के बारे में सीधे सेवा समिति डेरा को फ़ोन कर सकते हैं: +91 1853 289200.

विदेश के सत्संग सेंटर

भारत से बाहर देशों में साप्ताहिक और मासिक सत्संगों की जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: सत्संग वेन्यूज़

विदेशों में होने वाले सत्संग टूर कार्यक्रम (भारत से बाहर)
संत-सतगुरु भारत से बाहर दूसरे देशों में सत्संग करने के लिए अकसर जाते हैं। इन देशों में होने वाले सत्संग कार्यक्रमों का खुले आम प्रचार नहीं किया जाता क्योंकि ये सत्संग केवल उन देशों की संगत के लिए ही होते हैं।

डेरा में अकॉमोडेशन संबंधी जानकारी
डेरा में अकॉमोडेशन भारतीय संगत के लिए, एन.आर.आई. और नामदान प्राप्त ग़ैर-भारतियों के लिए केवल निर्धारित सत्संग के दौरान ही उपलब्ध है। संगत के लिए उपलब्ध अकॉमोडेशन में हॉस्टल हैं जहाँ कमरे में बैड, बिस्तर और बाथरूम हैं; सराय में बड़े हॉल और साँझा बाथरूम हैं। सराय केवल भारतीय संगत के लिए है। इनमें ठहरने के लिये संगत को अपना बिस्तर लाना पड़ता है। यदि अकॉमोडेशन उपलब्ध है, तभी मिलती है। इसलिए आपको अपने पति, पत्नी या परिवार के सदस्यों के साथ कमरा साँझा करने के लिए तैयार रहना चाहिए; यदि अकेले हैं तो किसी दूसरे के साथ (स्त्री को स्त्री के साथ और पुरुष को पुरुष के साथ) कमरा साँझा करना होगा।

भारत में रहने वाली संगत के लिए डेरा में अकॉमोडेशन
अकॉमोडेशन के लिए आवेदन फ़ॉर्म लोकल सत्संग सेंटर से प्राप्त किया जा सकता है। अकॉमोडेशन के लिए आवेदन ज़्यादा से ज़्यादा 5 महीने पहले करना चाहिए। आवेदन फ़ॉर्म डाक से इस पते पर भेज सकते हैं: अकॉमोडेशन विभाग, डेरा बाबा जैमल सिंह, राधास्वामी सत्संग ब्यास, ज़िला अमृतसर, पंजाब 143204. परिवार के जिन सदस्यों के नाम आवेदन फ़ॉर्म पर हैं, उनके आधार कार्ड की फ़ोटोकापी फ़ॉर्म के साथ भेजनी ज़रूरी है। डेरा पहुँचकर होस्टल या सराय में अकॉमोडेशन लेते वक्त असल आधार कार्ड दिखाना ज़रूरी है। अकॉमोडेशन संबंधी और जानकारी के लिए संगत अकॉमोडेशन फ़ॉर्म के पीछे लिखी हिदायतें पढ़ सकती है।

जो संगत पहले से अपनी अकॉमोडेशन बुक नहीं करती है, उन्हें अकॉमोडेशन तभी दी जाएगी, अगर उस समय उपलब्ध होगी और संगत के दस्तावेज़ मान्य होंगे।

विदेश से आने वाले भारतीय प्रवासी (एन.आर.आई.)
एन.आर.आई. संगत डेरा में अकॉमोडेशन संबंधी सारी जानकारी भारत से बाहर अपने देश के किसी भी सत्संग सेंटर से हासिल कर सकती है। हर देश में एक एन.आर.आई. अकॉमोडेशन कोऑर्डिनेटर है, जो उस देश में रहने वाली संगत के लिए ऑनलाइन रिज़र्वेशन करता है। डेरा में अकॉमोडेशन के लिए एन.आर.आई. कोऑर्डिनेटर के ज़रिए ही आवेदन फ़ॉर्म आना ज़रूरी है। यह आवेदन फ़ॉर्म डेरा पहुँचने से 180 दिन पहले या कम से कम 60 दिन पहले भेजना ज़रूरी है। डेरा में अकॉमोडेशन तभी दी जाएगी अगर उपलब्ध होगी और आवेदन करनेवाला नियमों के अनुसार मान्य है। डेरा में चेक-इन करते समय भारतीय प्रवासी को पासपोर्ट, मूल वीज़ा/ओ.सी.आई दस्तावेज़ दिखाने ज़रूरी है ताकि अकॉमोडेशन दी जा सके।

वे एन. आर. आई. जो अपने उन रिश्तेदारों के साथ डेरा आना चाहते हैं जो भारत में रहते हैं, उन रिश्तेदारों को अलग से, भारत के पते से, आवेदन पत्र भेजना होगा। उनका आवेदन पत्र पर ‘भारतीय संगत के नियमों’ के अनुसार गौर किया जाएगा।

‘एन.आर.आई. सत्संग पास’ के लिए पिछले 12 महीनों में भारत में 180 दिनों से ज़्यादा निवास नहीं होना चाहिए। दिनों की यह गणना बुकिंग तारीख़ से लागू होगी। एन.आर.आई को मूल पासपोर्ट और विदेश में रिहाइश का सुबूत दिखाना ज़रूरी है। अगर पासपोर्ट एक साल से कम समय में जारी हुआ है तो पिछला पासपोर्ट या पिछले पासपोर्ट की फ़ोटोकापी लाना ज़रूरी है, जिसमें खाली पृष्ठों की फोटोकापी भी शामिल है, तभी ‘एन.आर.आई. सत्संग पास’ जारी किया जाएगा।

कृपया ज़्यादा जानकारी के लिए ‘डेरा आने के लिए एन.आर.आई. गाइडलाइनज्’ की कॉपी अपने देश के सत्संग सेंटर से हासिल करें।

डेरा आने वाले ग़ैर-भारतीय मूल के सत्संगी
ग़ैर-भारतीय मूल की संगत को डेरा आने से पहले नामदान लेना ज़रूरी है। ग़ैर-भारतीय सत्संगी साल में निर्धारित चार सत्रों में से केवल एक ही सत्र में डेरा आ सकते हैं। अकॉमोडेशन के लिए रिज़र्वेशन इ-रिज़र्वेशन सिस्टम द्वारा पहले की जानी चाहिए। ग़ैर-भारतीय डेरा में अपनी अकॉमोडेशन की रिज़र्वेशन और डेरा आने संबंधी बाक़ी जानकारी अपने देश में किसी भी सत्संग सेंटर से प्राप्त कर सकते हैं।