विचार करने योग्य
चलो बातचीत करें
भाग 22 • अंक 2
महाराज चरन सिंह जी प्रकाश की खोज पुस्तक में एक विदेशी शिष्य को पत्र में लिखते हैं …
फागुन के दिन चार रे, होरी खेल मना रे॥ …
अपने मुर्शिद की महानता पर ध्यान देना मुरीदों के लिए शायद आम बात है। मुर्शिद की ख़ूबसूरती …
ऐसे लोग विरले होते हैं जिनकी कथनी और करनी समान होती है और हम ऐसे लोगों की तरफ़ खिंचे चले जाते हैं …
पुनर्जन्म और कार्य-कारण का सिद्धांत – जिसे आमतौर पर कर्म-सिद्धांत कहा जाता है …
“चिंता मत करो।” दिलासा देने वाले ये सरल शब्द हमारी ज़िंदगी में बार-बार दोहराए जाते …
हे प्रीतम! तेरे अलौकिक सौंदर्य की कहानियाँ तो बहुत सुनी हैं …