सफ़ेद सूती कुर्ता पजामा
उन्होंने सफ़ेद सूती कुर्ता पजामा पहना हुआ था।
सूरज की रोशनी को उनसे प्यार हो गया
बिलकुल वैसे ही जैसे हमें हुआ था…
और वह उनके पीछे-पीछे चलने लगी
महज़ इस ख़ुशी के लिए
कि उनके कंधों पर चमक सके
और उनकी बाजुओं से होते हुए नीचे तक आ जाए।
सफ़ेद कुर्ता पजामा
चकाचौंध करने वाली रोशनी में चमक रहा था
जब वह हमारी तरफ़ आ रहे थे।
बस एक सादा-सा इनसान
सफ़ेद सूती कपड़े पहने
जो इस दुनिया के तपते रेगिस्तान में
हरी-भरी जगह की तरह था,
रहमत की शीतल हवा की तरह था।
वह शब्द की धारा के साथ एक रूप था
जो आत्माओं को वापस उनके स्रोत तक ले जाती है।
वह निर्मल नूर ही था
जो इस धूल-भरी दुनिया में चमक रहा था।
हवा में उनका ही प्यार रचा-बसा था!
वह अपनी सफ़ेद बेंत की कुर्सी पर बैठ गए हैं,
पुराने छायादार पेड़ के नीचे,
उनका कुर्ता पजामा हवा में धीरे-धीरे लहराता हुआ चमक रहा है
सुनहरी रोशनी और हल्के बैंगनी रंग की छटा में।
वह अपने सेवादारों को सेवा करते हुए देखते हैं,
फिर मुझ पर, जो पास ही बैठी थी, दृष्टि डालते हैं।
जल्दी से! अपनी नज़रें हटा लो!
वरना तुम अपना सब कुछ खो दोगी!
पहले ही बहुत देर हो चुकी है!
इतनी अपार जानलेवा सुंदरता
मेरे वुजूद के दरवाज़े को तोड़कर
मेरे अंदर से एकमात्र चीज़ को चुरा लेती है
जो सांस लेती है।
बहुत ही जल्द!
सूरज छिप जाता है
पुराने छायादार पेड़ के पीछे।
बहुत जल्दी!
सफ़ेद सूती कपड़े पहने
वह सादा-सा इनसान
खड़ा होता है, फिर दूर चला जाता है,
मुझे अकेला छोड़कर
अपनी छाया में।
परम आनंद से भरपूर शानदार पल
आँसुओं में घुल जाते हैं
जो बहते चले जाते हैं…
जीवन-भर
प्यार से सराबोर,
कड़वी-मीठी
कसक के साथ।